डेंगू एंव चिकनगुनिया के संबंध में जानकारी ( स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार )

डेंगू एवं चिकनगुनिया की बिमारी संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होती है | यह मच्छर दिन में काटता है | एवं स्थिर साफ पानी में पनपता है |

:- घर एवं आस – पास पानी जमा न होने दें एवं साफ – सफाई का ध्यान रखें |

:- इन बीमारियों के लक्क्षण -:

  • तेज बुखार , बदन ,सर एवं जोडो में दर्द तथा के पीछे दर्द
  • नाक , मसुठो से या उलटी के साथ रक्त स्राव होना
  • त्वाचा पर बल्लाल धब्बे /चकते का निशान
  • काला पैखाना होना

उपरोक्त लक्षणों के साथ तेज बुखार से पीड़ित मरीज को अबिलम्ब सदर अस्पताल अथवा मेडिकल कालेज अस्पताल लें जाए |

यदि किसी व्यक्ति को पूर्ण में डेंगू हो चुकी है तो उन्हें अधिक सतर्क रहने की आवस्यकता है , वैसे व्यक्ति दोबारा डेंगू बुखार की शंका होने पर तुरंत ही सरकारी अस्पताल /चिकत्साक से संपर्क करे |

:- डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव हेतु निम्न उपाय करे -:

:- दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का इस्तमाल करे |

:- मच्छर भगाने वाली दवा /क्रिम का प्रयोग करे दिन में भी |

:- पुरे शारीर को ठकने वाले कपडे पहने , घर एवं सभी कमरों को साफ – सुथरा एवं हव्वादार बनाए रखे |

:- टूटे – फूटे बर्तनों न, कूलर ,ए.सी / फ्रिज के पानी निकासी ट्रे पानी टंकी एवं घर के अन्दर एवं अगल – बगल में अन्य जगहों पर पानी न ज़माने दे |

:- अपने आस – पास के जगहों को साफ – सुथरा रखे तथा जमा पानी एवं गन्दगी नपर कीटनाशी दवाओं का छिड़काव करें |

:- गमला , फूलदान इत्यादि का पानी हर दुसरे दिन बदले |

:- माल दुकानदारों / प्रबंधको से भी अनुरोध है की खाली पड़े जगहों में रखे दब्बो / कात्र्नो आदि में पानी जाम न होने दे |

:- जमे हुए पानी पर मिटटी का तेल डाले |

:- याद रखे हर बुखार डेंगू नही है |

:- बीमार के लक्ष्ण होने पर बिना समय नष्ट किये चिकित्सक से सम्पर्क करें |

:- डेंगू एवं चिकनगुनिया बुखार की स्थित में सभियो रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यता नहिओ होती है |

:- समय पर उपचार करने से मरीज पूर्णत : स्वस्थ्य हो जाता हैं |

( आवश्यक सूचना ? )

:- तेज बुखार के उपचार हेतु एस्प्रिन अथवा ब्रुफेन की गोलिया कदापि निस्तेमाल नहीं करें |

इसके लिए सही दवा है पारासिटामोल सुरक्षित दवा है ?

Leave a Comment